राजस्थान से ISI के दो जासूस गिरफ्तार:-
हमारे देश के जवान बॉर्डर पर ठीक से सो नहीं पाते केवल इसलिए कि आप और हम अपने घरो में चैन की नींद ले सके | लेकिन हमारी सेना की ही ख़ुफ़िया जानकारी चुराकर पाकिस्तान को भेजने वाले दो गद्दारों को हमारे इंटेलिजेंस ने धर दबोचा और पूछताछ जारी है ऐसे लोगो की वजह से पुलवामा जैसे हमले हो जाते है और पूरी ईमानदारी से देश सेवा करने वाले हमारे सिपाहियों की मेहनत पर पानी फिर जाता है
![]() |
| राजस्स्थान से ISI के दो जासूस गिरफ्तार |
ये भी पढ़े-
इंटेलिजेंस ने की बड़ी कार्यवाही:-
राजस्थान के बीकानेर
और श्रीगंगानगर जिलो के एक मामले 2 लोगो को हिरासत में लिया गया है पुलिस सूत्रों
ने सोमवार 8 जून को यह जानकरी दी है राजस्थान पुलिस की ख़ुफ़िया एजेंसी ने
श्रीगंगानगर जिले में 2 सेना आयुष डिपो के सिविल डिफेन्स स्टाफ 29 वर्षीय विकाश
कुमार और बीकानेर में सेना के महाजन फिल्ड फायरिंग रेंज के एक कर्मचारी सिविल कांटेक्ट के रूप में काम कर रहे २२ साल के
चिमनलाल को हिरासत में लिया हैं राजस्थान के पुलिस इंटेलिजेंस के एडिशनल डायरेक्टर जनरल उमेश मिश्रा ने गिरफ्तारी की
पुष्टि की|
माना जा रहा है पाकिस्तानी हैड़लर तक पहुचता था
ख़ुफ़िया जानकारी
पकडे गए अपराधी
विकाश और चिमनलाल के बारे में मालूम चला है की उसने अबी तक सेना के बारे की ऑडर ऑफ
बेटल कपोजीसन ऑडर ऑफ़ मिलिट्री फाइटिंग फोर्मेसन गोला बारूद कि फोटो और सेना की
अहम् जानकारी पाकिस्तान को दी गई है
सेना की महाजन फिल्ड
फायरिंग रेंज में पानी के टेंकर की सप्लाई करने वाले चिमनलाल से विकास सूचनाये
लेता था किसी को शक ना हो | इसके लिए भाई हेमंत के अकाउंट में पैसे मंगाता था हाल
ही में आईएसआई ने विकास को 75000 हजार रूपये दिए है उसने अपने भाई हेमंत के खाते
में मगवाये थे पुलिस ने हेमंत को भी हिरासत में ले लिया है पुलिस के मुताबिक अगस्त में मिलिट्री इंटेलिजेंस लखनऊ को ग्राहकों के
माध्यम से जासूसी एजेंट विकास कुमार के बारे में पता चला था जो पाकिस्तानी में अपने सचालको को सेना की गतिविधियों
की जानकरी दे रहा था कुमार को मुल्तान की
महिला पाकिस्तानी इंटेलीजेंस ऑपटेरिव ( पीआईओ ) फेसबुक के जरिये ट्रैप किया था पीआईओं
भारत की एक हिन्दू महिला अनुस्का चोपड़ा से
फेसबुक अकाउंट चला रही थी एमआई यूनिट ने यह पता लगाया है ऍमआई की लखनऊ इकाई ने जनवरी 2020 में उतर
परदेश के आतकवादी-रोधी दस्ते साथ यह मामला साझा किया जिसके केबाद कुमार डेजर्ट चेज
नामक ऑपरेशन कोड के तहत दोनों कानूनी एजेंसीयो दुवारा संयुक्त रूप से निगरानी रखी
गयी |


0 comments:
Post a Comment